आरती पूजा का समापन है — दीप की ज्योति देवता के सम्मुख घुमाते हुए स्तुति गान किया जाता है। ज्योति भक्त की प्रार्थना और गान उसकी कृतज्ञता ले जाता है।
लोकप्रिय आरती
ॐ जय जगदीश हरे
लगभग हर हिन्दू घर में गायी जाने वाली सार्वभौमिक आरती।
गणेश आरती — जय गणेश देवा
सभी देवताओं से पूर्व प्रथम पूज्य की आरती।
शिव आरती — ॐ जय शिव ओंकारा
सोमवार एवं महाशिवरात्रि पर गायन।
दुर्गा आरती — जय अम्बे गौरी
नवरात्रि की सांध्य आरती।
हनुमान आरती — आरती कीजै हनुमान लला की
हनुमान चालीसा के पश्चात् की जाती है।
लक्ष्मी आरती — ॐ जय लक्ष्मी माता
दीपावली एवं शुक्रवार संध्या की आरती।
संतोषी माता आरती
शुक्रवार व्रत कथा के बाद गायी जाती है।
सत्यनारायण आरती
पूर्णिमा को सत्यनारायण पूजा का समापन।