प्रत्येक व्रत की अपनी कथा होती है, जो बताती है कि व्रत क्यों रखा जाता है और उसका फल क्या है। कथा श्रवण या पाठ व्रत जितना ही आवश्यक माना गया है।
लोकप्रिय व्रत कथा
सत्यनारायण व्रत कथा
पूर्णिमा एवं शुभ अवसरों पर पाँच अध्यायों का पाठ।
सोमवार व्रत कथा
भगवान शिव हेतु सोमवार व्रत।
मंगलवार व्रत कथा
हनुमान जी हेतु मंगलवार व्रत।
संतोषी माता व्रत कथा
सोलह शुक्रवार का व्रत — संतोष हेतु।
एकादशी व्रत कथा
चौबीस एकादशियों की अलग-अलग कथाएँ।
करवा चौथ व्रत कथा
पति की दीर्घायु हेतु सुहागिनों का व्रत।
शनिवार व्रत कथा
शनिदेव की शांति हेतु शनिवार व्रत।
वट सावित्री व्रत कथा
सावित्री और सत्यवान की कथा।